बैंक ऑफ महाराष्ट्र आष्टी शाखा विवाद: किसान से कथित अभद्रता के बाद विरोध, 9 नामजद सहित अन्य पर FIR दर्ज
कर्जमाफी की जानकारी लेने पहुंचे किसान के साथ दुर्व्यवहार के आरोप के बाद बढ़ा विवाद, भाजपा युवा मोर्चा ने कार्रवाई को बताया किसानों की आवाज दबाने का प्रयास
जर्नलिस्ट मुजीब ज़मीनदार
आष्टी (जालना) | समाचार मीडिया ब्यूरो
जालना जिले के आष्टी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में किसान कर्जमाफी की जानकारी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। बैंक शाखा प्रबंधक की शिकायत पर आष्टी पुलिस ने 9 नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं दूसरी ओर भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई को किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए बैंक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ऐसा है पूरा मामला !
पुलिस में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3:15 बजे किसान कर्जमाफी संबंधी जानकारी लेने पहुंचे कुछ लोगों द्वारा बैंक के सरकारी कार्य में बाधा डालने, बैंक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करने तथा धमकी देने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में शाखा प्रबंधक हितेश चतुर्भुज दामोर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
9 नामजद तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में तुकाराम सोळंके, शिवशक्ति आढाव, रवि लोंढे, भाऊ खरात, रमेश थोरात, रामेश्वर खुळे, आसेफ कच्छी, मुजीब राज शेख, सचिन घुगे सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर किसानों और भाजपा युवा मोर्चा का दावा
भाजपा युवा मोर्चा, जालना के जिला उपाध्यक्ष तुकाराम सोळंके ने जारी बयान में आरोप लगाया है कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आष्टी शाखा में पिछले कई महीनों से खातेदारों और किसानों को लगातार परेशान किया जा रहा है तथा समय पर काम नहीं किए जा रहे हैं।
उनके अनुसार, आसनगांव (ता. परतूर) निवासी किसान बळीराम खरात अपने दिवंगत पिता की कर्जमाफी संबंधी जानकारी लेने बैंक पहुंचे थे, जहां शाखा प्रबंधक द्वारा उनके साथ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर वे अपने साथियों के साथ बैंक पहुंचे और अधिकारियों से जवाब मांगा।
तुकाराम सोळंके का आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने भी उनके साथ असहयोगपूर्ण और अहंकारी व्यवहार किया। उनका कहना है कि किसानों के पक्ष में आवाज उठाने के अगले ही दिन उनके और साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया गया, जिसे उन्होंने "झूठा मामला" बताते हुए किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताया है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसान हितों के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले की जानकारी विधायक बबनराव लोणीकर एवं राहुल लोणीकर को दी गई है, जिन्होंने किसानों के समर्थन का भरोसा दिया है।
पुलिस जांच जारी
आष्टी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहायक पुलिस निरीक्षक गणेश सुरवसे और उनकी टीम मामले कि जांच कर रही है।

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